जोमाटो – दीपिन्दर गोयल और पंकज चड्ढा की प्रेरक कहानी Zomato – Inspiring Story of Deepinder Goyal and Pankaj Chadha

जोमाटो के बारे में  About Zomato

जोमाटो एक भारतीय रेस्टोरेंट एग्रीगेटर और फूड डिलीवरी स्टार्ट-अप है, जिसकी स्थापना 2008 में दीपिंदर गोयल और पंकज चड्ढा ने की थी। कंपनी चुनिंदा शहरों में पार्टनर रेस्टोरेंट की जानकारी, मेनू और उपयोगकर्ता-समीक्षा और साथ ही भोजन वितरण विकल्प प्रदान करती है। COVID-19 के प्रकोप के बीच कंपनी ने किराने की डिलीवरी भी शुरू की है। 2019 तक, जोमाटो अपनी सेवा 24 देशों और 10,000 से अधिक शहरों में फ़ैलाने में कामयाब रहा है। हाल ही में मौजूदा निवेशकों से $ 660 मिलियन का फंड जुटाने के बाद, कंपनी का मूल्य $ 3.9 बिलियन हो गया है। “Never have a bad meal” यह Zomato का टैगलाइन है। आज हम इस कहानी के माध्यम से जोमाटो के संस्थापक दीपिन्दर गोयल और पंकज चड्ढा की प्रेरक कहानी जानने की कोशिश करेंगे।

जोमाटो - दीपिन्दर गोयल और पंकज चड्ढा की प्रेरक कहानी
Zomato Logo & Founder Deepinder Goyal and Pankaj Chaddah

जोमाटो के संस्थापक  Zomato Founder

Zomato की स्थापना के पूर्व Deepinder Goyal और Pankaj Chaddah दोनों संस्थापक Bain & Co. के नई दिल्ली के कार्यालय में कार्यरत थे। जहाँ पे दीपिंदर गोयल वरिष्ठ सहयोगी सलाहकार के रूप में और पंकज चड्ढा वरिष्ठ विश्लेषक के रूप में काम कर रहे थे। दोनों आईआईटी दिल्ली से स्नातक हैं।

जोमाटो का इतिहास  Zomato History

Zomato की शुरुआत 2008 में Bain & Co. के नई दिल्ली के कार्यालय से हुई। जब दीपिंदर गोयल और पंकज चड्ढा लंच समय में कंपनी के फूडकोर्ट में बैठे थे, तब उन्होंने देखा कि बहुत सारे लोग मेन्यू कार्ड की एक झलक पाने के लिए लंबे समय तक कतार में खड़े थे और अपनी बारी आने का इंतज़ार कर रहे थे। उन्होंने इसका हल खोजने की सोची और यह विचार FoodieBay के रूप में लोगों के सामने आया।

उन्होंने मेन्यू कार्ड की प्रतियों को स्कैन किया और कंपनी के निजी नेटवर्क पर अपलोड कर दिया। जल्द ही कर्मचारियों ने अपना समय बचाने के लिए इस सुविधा का उपयोग करना शुरू कर दिया। इस वजह से वेबसाइट पर ट्रैफ़िक में उछाल देखने को मिला। यह देख दोनों संस्थापकों ने इस इंटरनेट-आधारित सेवा को सार्वजनिक कर दिया और यह मेनू अब कैफेटेरिया तक ही सीमित नहीं रहा बल्कि दूर-दूर तक फैल गया।

दीपिन्दर और पंकज ने अपनी साइट पर जो पहला प्रोफेशनल रेस्टोरेंट मेनू अपलोड किया, वह दिल्ली में हौज़ खास का था। दिल्ली के बाद उन्होंने कोलकाता, मुंबई और बैंगलोर सहित देश के अन्य महानगरीय शहरों में अपनी वेबसाइट पर रेस्टोरेंट मेनू अपलोड करना शुरू किया। उनकी इस सेवाओं का उपयोग हजारों उपयोगकर्ताओं द्वारा किया गया और तब से यह संख्या कई गुना बढ़ गई है।

FoodieBay को पहचान मिल रही थी क्योंकि इस तरह की सेवाएं प्रदान करनेवाला यह पहला स्टार्टअप रहा था। FoodieBay के नाम को अधिक आकर्षक बनाने और लोकप्रिय वेबसाइट ebay के साथ किसी भी भ्रम से बचने के लिए दीपिन्दर और पंकज ने नवंबर 2010 में  Foodiebay का नाम बदलकर Zomato कर दिया। जो रेस्टोरेंट खोजने और मेनू कार्ड के माध्यम से वेबसाइट की व्यापक उपयोगिता के साथ खाद्य प्रेमियों और भूखे लोगों तक उनकी पसंद का भोजन पहुंचने में मदद करता हैं।

फंडिंग  Funding

लोगों तक आसानी से पहुंचने के लिए Deepinder Goyal और Pankaj Chaddah ने, Zomato App लॉन्च करने के बारे में सोचा और अपने इस विचार को व्यापक करने के लिए उन्होंने इन्वेस्टर को ढूँढना शुरू किया। लेकिन कहते है ना, अगर आपके पास एक महान विचार के साथ बढ़िया संस्थापक भी है, तो आपको फंडिंग की कभी कमी महसूस नहीं होगी। साल 2010 में naukri.com के संस्थापक Sanjeev Bhikchandani ने अपनी कंपनी Info Edge के माध्यम से जोमैटो में 1 मिलियन डॉलर का सीड फंडिंग प्रदान किया।

इसके बाद जोमाटो ने कभी पीछे मूड के नहीं देखा अगले दौर में उन्हें 3.5 मिलियन डॉलर का फंडिंग मिला। साल 2013 में Info Edge India ने 10 मिलियन डॉलर का निवेश करके, Zomato में 50 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सेदारी खरीद ली। इसके अलावा Sequoia Capital, Vy  Capital and Temasek जैसे कई निवेशकों ने इस स्टार्टअप में निवेश किया। इस तरह जोमेटो  ने साल 2018 तक $ 300 मिलियन धनराशि जमा कर ली।

तेजी से विस्तार और प्रतिस्पर्धी  Rapid Expansion and Competitors

कंपनी ने अब विस्तार योजनाओं पर ध्यान केंद्रित करना शुरू किया, साल 2011 तक जोमाटो ने भारत के अन्य तीन प्रमुख शहर चेन्नई, हैदराबाद और अहमदाबाद में अपनी सेवाएं लॉन्च की।इसके अलावा, सितंबर 2012 में दुबई में अपनी सेवाओं को शुरू करके Zomato ने भारतीय सीमाओं से परे विस्तार किया, उन्होंने श्रीलंका, यूनाइटेड किंगडम, फिलीपींस, दक्षिण अफ्रीका न्यूजीलैंड और तुर्की जैसे अन्य देशों में भी विस्तार करना शुरू किया। 90 मिलियन रजिस्टर्ड उपयोगकर्ताओं के साथ Zomato एक ऐसा प्लेटफ़ॉर्म है जहां कोई भी दुनिया भर के खाद्य पदार्थों के संपर्क में आ सकता है। इसके बावजूद जोमाटो को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से DoorDash, Swiggy और Uber Eats जैसे कई प्रतिस्पर्धियों का सामना करना पड़ रहा हैं। 

व्यापार मॉडल  Business Model 

दुनियाभर के बड़े रेस्टोरेंट अपना व्यवसाय बढ़ाने के लिए जोमेटो की वेबसाइट पर अपना विज्ञापन डालतें है, साथ ही खाद्य पदार्थ लोगों तक पहुंचाकर, खाद्य उत्सवों के टिकटों की बिक्री करके कमीशन के जरिए यह स्टार्टअप पैसे कमाता है। हालांकि की सफलता की यह यात्रा जोमाटो और दीपिन्दर के लिए आसान नहीं थी, लेकिन संस्थापकों के साथ टीम के अन्य सदस्यों ने भी अपने पुरे प्रयासों से आज कंपनी को इस मुकाम पे लाकर खड़ा कर दिया हैं।

हाल ही में जब उन्होंने दुबई में अपनी वेबसाइट लॉन्च की, तो सह-संस्थापक पंकज चड्ढा खुद गर्मियों की चिलचिलाती गर्मी में रेस्टोरेंट का विवरण लेने के लिए बाहर गए। आज भी जोमाटो के सामने आने वाली चुनौतियाँ कुछ कम नहीं हैं, खाद्य बाजार का विश्लेषण किए बिना भारतीय बाजार में विस्तार करने की वजह से कंपनी को लखनऊ, कोच्चि, इंदौर और कोयम्बटूर में अपनी सेवाएं बंद करनी पड़ी, हालांकि आठ साल के भीतर कंपनी ने 22 देशों में अपनी उपस्थिति दर्ज की है।

जोमाटो की वृद्धि  Growth of Zomato 

Zomato ने भारत के पहले Mobile App के रूप में खुद को विकसित किया है और आज  यह स्टार्टअप दुनिया भर के कई बड़े बाजारों में राज करनेवाली वाली एकमात्र यूनिकॉर्न कंपनी है। अब जोमाटो 1 मिलियन से अधिक रेस्टोरेंट को कवर करता है और हर दिन 25,000 से अधिक ऑर्डर प्राप्त करता है। आज Zomato अपनी वृद्धि दर को बढ़ाकर दुनिया भर में मौजूद वैश्विक खिलाड़ियों के बराबर होने की उम्मीद कर रहा है और इसके लिए दीपिन्दर गोयल और पंकज चड्ढा दोनों ने कोई कसर नहीं छोड़ी है।

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