प्रोफेसर शिवानंद मणकेकर – ए टैलेंटेड स्टॉक पिकर Professor Shivanand Mankekar – A Talented Stock Picker

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प्रोफेसर शिवानंद मणकेकर – ए टैलेंटेड स्टॉक पिकर

प्रोफेसर शिवानंद मणकेकर को जीनियस स्टॉक पिकर के नाम से जाना जाता है। लम्बी अवधि के लिए मल्टी-बैगर शेयरों की पहचान करना उनका कौशल हैं। उन्होंने छोटी छोटी से इन्वेस्टमेंट से शुरुआत करके आज की तारीख में 1000 करोड़ का स्टॉक पोर्टफोलियो बनाया है।

पेशे से, वह एक प्रोफेसर है। वह मुंबई में जमनालाल बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट में फाइनेंसियल मार्केट पढ़ाते है। वह कई बिज़नेस मैनेजमेंट स्कूलों के साथ अतिथि प्रोफेसर के रूप में भी जुड़े हुए हैं। वह हमेशा मीडिया से दूर ही रहते हैं। वह 2002 में पेंटालून्स में निवेश करने के अपने फैसले के कारण लोकप्रिय हो गए।

शिवानंद मणकेकर की शेयर बाजार यात्रा

प्रोफेसर मणकेकर मध्यवर्गीय लोगों के लिए एक वास्तविक प्रेरणा हैं। उन्होंने अपने मामूली वेतन से बड़े पैमाने पर संपत्ति पैदा की है। उनके पास मल्टी-बैगर स्टॉक की पहचान करने की एक अद्वितीय क्षमता है। उनके द्वारा चुने गए कुछ मल्टी-बैगर स्टॉक्स में तलवलकर, वॉकहार्ट, पैंटालून्स, एचसीएल इन्फो सिस्टम आदि शामिल हैं। बड़े पैमाने पर धन कमाने के बावजूद मणकेकर परिवार अभी भी मुंबई के एक छोटे से फ्लैट में रहता है। वह 1980 से शेयर मार्केट में इन्वेस्ट करते आ रहे है। उन्होंने पैंटालून और तलवलकर जैसे शेयरों में निवेश करके मोटा लाभ कमाया। उनके पास भविष्य की व्यावसायिक क्षमता की पहचान करने की असाधारण कौशल और दृष्टि है।

2001 में, जब फ्यूचर ग्रुप ने हाइपरमार्केट श्रृंखला के रूप में बिग बाजार के शुभारंभ की घोषणा की। तब मि मणकेकर ने जिज्ञासा से बिग बाजार मॉल का दौरा किया और अपनी पहली यात्रा में, वह बिग बाजार के बिजनेस मॉडल से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने पैंटालून्स में 2 .9% इक्विटी खरीद ली। जब स्टॉक की कीमत 9 रुपये थी, तो उन्होंने स्टॉक में प्रवेश किया था। 2008 में, स्टॉक ने रु 800 को पार कर लिया और उन्होंने इस मल्टी-बैगर स्टॉक से लगभग 90 गुना रिटर्न कमा लिया।

निवेश की रणनीति

प्रोफेसर शिवानंद मणकेकर Focused पोर्टफोलियो में विश्वास करते है।उन्होंने कम शेयरों में भारी मात्रा में की है। Focused पोर्टफोलियो का मतलब है हाई-रिस्क हाई-रिवार्ड गेम। उनका मानना है कि जब आप एक ऐसा पोर्टफोलियो बनाते हैं तो बेहतर शेयरों का चुनना बहुत महत्वपूर्ण होता है। यदि आप निवेश के लिए अच्छा स्टॉक पाते हैं तो आपको लंबी अवधि के लिए स्टॉक में निवेश करना चाहिए।

प्रोफेसर मणकेकर एक दीर्घकालिक निवेशक हैं और वे लंबी अवधि के निवेश का समर्थन करते हैं। कंपनी के शेयर बाजार में लिस्टेड होने से पहले ही उन्होंने तलवलकर में निवेश किया था। 2006 में उन्होंने तलवलकर बेटर वैल्यू फिटनेस में 10% शेयर ख़रीदे थे। वह आज भी तलवलकर का स्टॉक संभाल रहे है।

एक और बात जो कि हमें प्रोफेसर मणकेकर से सीखनी चाहिए, कि स्टॉक से बाहर कब निकलना है। उन्होंने Wockhardt के स्टॉक को 2011 में रु 240 की औसत कीमत के साथ खरीदा था। यह शेयर 2013 में प्रति शेयर रु 2166 की कीमत के साथ मल्टी-बैगर निकला। उनका निवेश केवल दो वर्षों में लगभग 9 गुना बढ़ गया था। हालांकि, उन्होंने उस समय यह स्टॉक बेचा नहीं और फिर कुछ दिनों के बाद प्रति शेयर 100 रुपये के मामूली लाभ के साथ यह स्टॉक उन्होंने बेच दिया। वह इस शेयर से जुड़े एफडीए जोखिम को समझ नहीं सके। एफडीए की चेतावनी के कारण वॉकहार्ट का स्टॉक बुरी तरह से गिर गया। वे कहते है कि कठीण परिस्थितियों में किसी भी स्टॉक से जुड़े जोखिम का आकलन करके आवश्यकता के अनुसार पोर्टफोलियो को Rebalanced करना जरुरी है।

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