पोरिंजू वेलियाथ सक्सेस स्टोरी Porinju Veliyath Success Story

Porinju-Veliyath-Success-Story
Image Source – Google Image By Wikipedia

पोरिंजू वेलियाथ सक्सेस स्टोरी

पोरिंजू वेलियाथ भारतीय शेयर बाजार में हाल के समय के सबसे प्रसिद्ध निवेशक और फंड मैनेजर में से एक हैं। The Economic Times वृत्तपत्रने उन्हें  Small-Cap Czar के नाम से सम्मानित किया है। वह Equity Intelligence India Private Limited के नाम से एक पोर्टफोलियो मैनेजमेंट फर्म चलाते है, जहाँ पे वह अपना और अन्य निवेशकों का भी पोर्टफोलियो संभालते है। जिन्हे कोई नहीं जानता ऐसी Small Cap कंपनियों में निवेश करके अच्छा रिटर्न पाने के लिए वह प्रसिद्ध है। पोरिंजू वेलियाथ की यह सक्सेस स्टोरी उन सबके के लिए प्रेरणा है जो शेयर मार्केट में अपना करियर बनाना चाहते है।

प्रारंभिक जीवन

पोरिंजू का जन्म 1962 में केरल के कोच्चि शहर के पास चैलकुडी गाँव में एक निम्न-मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था। उनका प्रारंभिक जीवन चुनौतियों से भरा था। पोरिंजू जब 16 साल के थे, तब उनके परिवार को गहरी वित्तीय समस्याओं का सामना करना पड़ा था । हालत इतनी खराब थी कि जिस घर में वे रह रहे थे उसे कर्ज चुकाने के लिए बेचना पड़ा।

कम उम्र में ही पोरिंजू ने अपने परिवार की आर्थिक सहायता करने के लिए नौकरी करने का फैसला किया। वह एक छोटे प्राइवेट फर्म में एकाउंटेंट का काम करने लगे, जहाँ पे उन्हें महीने का 1000 रुपये वेतन मिल रहा था। चूँकि उनका वेतन उनके परिवार की बुनियादी ज़रूरत को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं था, इसलिए उन्होंने दूसरी नौकरी की तलाश करने का फैसला किया।

पोरिंजू वेलियाथ की  दूसरी नौकरी एर्नाकुलम टेलीफोन एक्सचेंज में थी। वहाँ पे उन्हें वेतन के रूप में  2,500 रुपये मिलते थे। पोरिंजू ने नौकरी के साथ-साथ एर्नाकुलम लॉ कॉलेज से अपना अध्ययन जारी रखा और कानून की डिग्री प्राप्त कर ली। डिग्री प्राप्त करने के बाद उन्होंने एक बेहतर नौकरी की तलाश शुरू कर दी। हालाँकि, उन्हें कुछ महीनों तक अच्छी नौकरी नहीं मिली। कॉलेज टाइम से ही पोरिंजू की स्टॉक मार्केट में काफी रूचि थी और वह मार्केट को अच्छी तरह समझना चाहते थे। उस समय शेयर मार्केट के सारे कामकाज मुंबई में ही होते थे इसलिए उन्होंने मुंबई जाने का फैसला किया और वह 1990 में मुंबई चले गए।

शेयर बाजार की यात्रा

पोरिंजू वेलियाथने शेयर मार्केट में अपने करियर की शुरुआत कोटक सिक्योरिटीज के साथ की। मुंबई पहुंचने के बाद, उन्होंने एक फ्लोर ट्रेडर के रूप में कोटक सिक्योरिटीज जॉइन कर लिया। कोटक में अपने जॉब के दौरान उन्हें मार्केट के बारे में बहुत सारी चीज़े सिखने को मिली और उन्होंने अपना सारा ध्यान मार्केट के बारे में सिखने में ही लगा दिया इस तरह अपने 4 साल के अनुभव के दौरान, पोरिंजू ने शेयर बाजार का बहुत ज्ञान प्राप्त किया।

उसके बाद 1994 में, वह एक रिसर्च एनालिस्ट और फंड मैनेजर के रूप में पराग पारिख सिक्योरिटीज में काम करने लगे। अगले 5 साल तक वहाँ काम करने के बाद 1999 में पोरिंजू मुंबई के जीवन से नाखुश होकर कोच्चि वापस चले गए। कोच्चि जाने के बाद कुछ साल जिओजित सिक्योरिटीज काम करने के बाद आखिरकार 2002 में पोरिंजू वेलियाथने अपनी पोर्टफोलियो मैनेजमेंट फर्म ‘इक्विटी इंटेलिजेंस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ कि शुरूआत की।  

निवेश की रणनीति

पोरिंजू वेलियाथ Value Investing पर ज़्यादा ध्यान देते है। उसके लिए वह जानेमाने Investor Chandrakant Sampat को फॉलो करते है। वह कंपनी के फंडामेंटल के साथ उसके वैल्यूएशन पे भी जोर देते है। पोरिंजू वेलियाथ अच्छे फंडामेंटलवाली कंपनी को उनके बुरे वक़्त में खरीदते है क्योंकि उनका मानना है की बुरे वक़्त में वह स्टॉक आपको कम प्राइस में मिलता है तब वह कंपनी बड़ी है या छोटी है इसके बारे में वह नहीं सोचते। वह उन्हीं कंपनी में इन्वेस्ट करते है जो कंपनी इस बुरे वक़्त से गुजर कर आगे उन्हें अच्छा रिटर्न दे सके। अपनी इसी इन्वेस्टमेंट स्टाइल को फॉलो करके उन्होंने कई बार मल्टीबैग्गेर्स रिटर्न कमाए है।

“I buy lesser-known, high quality businesses to derive maximum portfolio value. I don’t shy away from smaller companies like other ‘knowledgeable people’ do. And I don’t buy a lot of great companies with clean balance sheet, honest management and clear business visibility. If you invest in such companies, even bank FDs would beat your portfolio returns.”

                                                                                                     – Porinju Veliyath

पोरिंजू वेलियाथ स्टॉक पोर्टफोलियो

पोरिंजू वेलियाथने अपना पहला बड़ा निवेश “जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज” में किया। उस समय शेयर बहुत कम मूल्य पर कारोबार कर रहा था। उनके इस फैसले से हर कोई हैरान था। जैसा कि सभी ने सोचा कि यह एक बुरा Penny Stock है। हालांकि, जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज में निवेश ने उनको कई गुना रिटर्न दिया है और उन पैसो से उन्होंने बचपन में बेचा हुआ अपना घर और जमीन वापस खरीद लिया। उनका दूसरा बड़ा निवेश श्रेयस शिपिंग एंड लॉजिस्टिक्स में भी उनको करीब 3000 % रिटर्न मिला था

उन्होंने साल 2012 में श्रेयस शिपिंग एंड लॉजिस्टिक्स का स्टॉक रु.30 में ख़रीदा था। जो 7 अगस्त 2015 को रु 839 ऑल टाइम हाई पे पहुंच गया था। लेकिन पोरिंजू वेलियाथ को यह स्टॉक रु 7०० के स्तर Overvalued लगा और वह उसे बेचके बाहर निकल गए। वह Exit Strategy के साथ काम करते है, जब उन्हें कोई स्टॉक Overvalued लगता है तब वह उसे बेचके बाहर निकल आते है।

पोरिंजू वेलियाथने अपने इन्वेस्टमेंट करियर में Balaji Amines, Orient Paper, Biocon, TCI, Jubilant Life Sciences जैसे कई शेयरों में Multibaggers Returns कमाए है। आज पोरिंजू वेलियाथ खुद के पोर्टफोलियो के साथ अपनी पोर्टफोलियो मैनेजमेंट फर्म ‘इक्विटी इंटेलिजेंस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ के जरिये दूसरे निवेशकों का पैसा भी मैनेज करते है जिसका वैलुएशन करीब 1400 करोड़ के आसपास है। 2003 से लेके आज तक उन्होंने इन्वेस्टर को क़रीब 33% CAGR दिया है।

पोरिंजू वेलियाथ नए इन्वेस्टर को यह सलाह देते है कि शेयर मार्केट में इन्वेस्टमेंट करते समय उसमे एक Discipline होना जरुरी है। किसी भी कंपनी में इन्वेस्टमेंट करते समय इन्वेस्टर को उसका पूरा एनालिसिस करके ही उसमे इन्वेस्टमेंट करना चाहिए। एनालिसिस करते समय एक अच्छा बॅलन्स शीट, मैनेजमेंट और भविष्य की विकास योजनाओं का अभ्यास करना महत्त्वपूर्ण है। 

Please follow and like us:

Leave a Reply