OYO रूम्स – रितेश अग्रवाल सक्सेस स्टोरी OYO Rooms – Ritesh Agarwal Success Story

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OYO रूम्स – रितेश अग्रवाल सक्सेस स्टोरी

OYO रूम्स भारत में सबसे प्रसिद्ध होटल ब्रांडों में से एक है। वह पूरी दुनिया में तीसरी और देश की सबसे बड़ी बजट होटल श्रृंखला है जिसके पास पूरे भारत के 200 शहरों के 7000 होटलों में 70000 से भी ज्यादा कमरे हैं, इसके अलावा भारत के बाहर भी कई देशों में उनके पास होटलों कमरे उपलब्ध है। उनके पास खुद के होटल नहीं हैं, पर उनका इन सभी होटलों के साथ एग्रीमेंट है, और वह लोगों को OYO रूम्स की माध्यम से इन होटलों में कम कीमतों पर अच्छे कमरे उपलब्ध करवाते है, इसके अलावा वह अच्छी सेवाए भी प्रदान करते है। इसी वजह से वह एक सफल स्टार्टअप के रूप में उभरकर आए हैं। उसका वर्तमान मूल्यांकन US $10 बिलियन से भी ज्यादा है। 

रितेश अग्रवाल

ओयो रूम्स की सफलता के पीछे 26 साल रितेश अग्रवाल का बहुत बड़ा योगदान है। वह OYO रूम्स के संस्थापक और सीईओ है, जिन्होंने एक होटल के साथ गुड़गांव में अपना काम शुरू करके, आज इतना बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। वह US $1.1 बिलियन नेटवर्थ के साथ दुनिया के दूसरे सबसे कम उम्रवालें अमीर इंसान है।

रितेश का जन्म 16 नवम्बर 1993 को उड़ीसा, बिस्सम कटक में एक व्यापारी परिवार में हुआ था। उन्होंने अपनी 12वीं तक की पढाई रायगडा उड़ीसा से सेक्रेड हार्ट स्कूल से पूरी की। अपने स्कूल के समय से ही, वह अपने उम्र के दुसरे बच्चों की तुलना में अपरंपरागत तरीके से काम करते थे। वह हमेशा ऐसे अवसरों की तलाश में रहते थे, जहां पे उन्हें अपने गलतियों से कुछ सीखने को मिलें। बचपन से ही उन्हें संगणक के सॉफ्टवेयर के बारे में काफी रूचि थी। रितेश ने 8 साल की उम्र में ही अपने बड़े भाई की पुस्तकों के साथ प्रोग्रामिंग के बारे में सीखना शुरू कर दिया। उन्होंने Google को ही अपना दोस्त बनाकर प्रोग्रामिंग की बहुत सी चीजें सीख ली।

रितेश अग्रवाल की शिक्षा 

वह साल 2009 में IIT की प्रवेश परिक्षा की तैयारी करने के लिए कोटा चले गए। पढाई के अलावा उन्हें घूमने का भी बहुत शौक था। इसी दौरान, रितेश ने “इंडियन इंजीनियरिंग कॉलेज: ए कम्प्लीट इनसाइक्लोपीडिया ऑफ़ टॉप 100 इंजीनियरिंग कॉलेज” नाम से एक पुस्तक भी लिखी। उनकी यह पुस्तक फ्लिपकार्ट पर बेस्ट सेलर की सूची में शामिल होकर काफी सफल हुई।

16 साल की उम्र में, रितेश अग्रवाल ने एशियाई विज्ञान शिविर के लिए टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च में भाग लिया। यह वह समय था जब उन्होंने उद्यमियों से मिलने और सम्मेलनों में भाग लेने की शुरुआत की। तभी रितेश ने कुछ बड़ा शुरू करने फैसला किया और वह 2011 में दिल्ली लौट आए। उन्होंने पढ़ाई के साथ SAT की भी तैयारी शुरू की। उसी समय व्यवसाय, स्टार्ट-अप और उद्यमियों के बारे में पुस्तकों में उनकी रुचि बढ़ गई ।

रितेश अग्रवाल ने एक उद्यमी बनने के अपने जुनून को आगे बढ़ाने के लिए, इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस एंड फाइनेंस, दिल्ली में दाखिला लिया लेकिन जल्द ही अपनी खुद की कंपनी शुरू करने के लिए कॉलेज  छोड़ दिया। साल 2013 में रितेश अग्रवाल पीटर थिएल फेलोशिप के लिए भी चुने गए थे, जिसमें उन्होंने जीत हासिल कर US $100000 का अनुदान भी पा लिया था।

OYO रूम्स की स्थापना 

रितेश अग्रवाल ने पूरे देश में यात्रा की है और इसी यात्रा के दौरान, उनको बजट होटलों के साथ समस्या का पता चला और इसी समस्या का हल निकालने के लिए उन्होने महज़ 17 साल की उम्र में, साल 2012 में ORAVEL STAYS की शुरुआत की, जो एयरबीएनबी के बिज़नेस मॉडल पर आधारीत है। एयरबीएनबी सैनफ्रांसिस्को की ऑनलाइन मार्केटप्लेस और आतिथ्य सेवा प्रदाता कंपनी है। रितेश ने कंपनी शुरू करने से पहले ही फण्डिंग के बारे में सारी जानकारी प्राप्त कर ली थी और इसी वजह से कंपनी शुरू करते समय उन्हें पैसों की ज्यादा चिंता नहीं हुई। जल्द ही उन्हें VENTURE NURSERY से 20 लाख रुपये की फण्डिंग मिली और रितेश ने अपना पूरा ध्यान अपने बिज़नेस में लगा दिया।

जल्द ही उन्हें पता चला कि ORAVEL STAYS के साथ ग्राहकों को काम बजट होटलों के कमरें तो उपलब्ध हो रहें है लेकिन होटल मालक उनको अच्छी सुविधाएं नहीं दे पा रहे है और इसी समस्या का समाधान करने के लिए रितेश अग्रवाल ने ORAVEL STAYS को साल 2013 में OYO ROOMS  के नाम से फिर से लॉन्च किया। जिसका मूल उददेश्य ग्राहकों को कम दाम में कमरे उपलब्ध करवाने के साथ उन्हें अच्छी सुविधाएं प्रदान करना है और इसी वजह से जल्द ही रितेश अग्रवाल की यह कंपनी यात्रियों की पहली पसंद बन गई। कंपनी के इस शानदार रणनीति को देखकर LITESPEED VENTURE PARTNERS, DSG CONSUMER PARTNERS, SEQUOIA CAPITAL और GREENOAKS CAPITAL से उन्हें कई मिलियन डॉलर्स की फण्डिंग प्राप्त हुई। इसके बाद OYO रूम्स कभी पीछे मुड़के नहीं देखा और वह भारत की सबसे बड़ी हॉस्पिटैलिटी कंपनी करके उभर आई। 

अचीवमेंट्स

रितेश ने अपने जीवन में कई पुरस्कार प्राप्त किए हैं, उनमे से कुछ इस प्रकार के हैं:

– उपभोक्ता तकनीक क्षेत्र में फोर्ब्स “30 अंडर 30”
– 2013 में TATA फर्स्ट डॉट द्वारा टॉप 50 उद्यमी अवार्ड
– 2014 में TiE- लुमिस एंटरप्रेन्योरियल एक्सीलेंस अवार्ड
– बिजनेस वर्ल्ड युवा उद्यमी पुरस्कार

रितेश अग्रवाल भारतीय लोगों और युवा उद्यमियों के लिए एक प्रेरणा हैं। उनकी कहानी अद्वितीय सोच का एक सच्चा उदाहरण है। उन्होंने दुनिया को दिखला दिया कि प्रतिभा कभी उम्र की मोहताज़ नहीं होती। अगर आप के अंदर कुछ बड़ा करने का जज्बा और जूनून है, तो कठिन परिस्तिथियों को भी पार करके हम आगे बढ़ सकते है।

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This Post Has One Comment

  1. ROHIT KUMAR

    thanks for sharing this information

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