OLA कैब्स सक्सेस स्टोरी OLA Cabs Success Story

OLA कैब्स  OLA Cabs

OLA कैब्स, भारत में टैक्सी सेवाएं प्रदान करनेवाला सबसे बड़ा ऑनलाइन मार्केटप्लेस है। यह भारत की सबसे तेजी से बढ़नेवाली कंपनियों में से एक है। OLA कैब्स की शुरुआत मुंबई में एक ऑनलाइन कैब एग्रीगेटर के रूप में हुई थी और बाद में यह भारत की सिलिकॉन वैली बैंगलोर में स्थित हो गया। अक्टूबर 2019 तक इस कंपनी का मूल्य लगभग $10 Billion तक पहुँच गया है। 2014 तक भारतीय टैक्सी उद्योग के बाजार में OLA कैब्स 60% की हिस्सेदारी का दावा करती है।

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OLA कैब्स को  दिसंबर 2010 में भाविश अग्रवाल और अंकित भाटी ने लॉन्च किया परंतु इसके पीछे का दिमाग भाविश अग्रवाल का है। इसके पीछे की कहानी काफी रोमांचकारी है 2010 में जब भाविश अग्रवाल किसी काम के लिए कैब से बैंगलोर से बांदीपुर जा रहे थे, तभी कैब ड्राइवर ने यात्रा के बीच में ही कार रोक दी और भाविश से तय किए हुए भाड़े से ज्यादा पैसों की मांग करने लगा और जब भाविश ने ज्यादा पैसे देने से इंकार किया तब वह उसे बीच रास्ते में ही छोड़के चला गया। इस तरह कैब ड्राइवर से हुई धोखेबाज़ी के बाद उनके मन में OLA कैब्स को शुरू करने का विचार आया।

भाविश अग्रवाल का प्रारंभिक जीवन  Early life of Bhavish Aggarwal

भाविश अग्रवाल का जन्म और पालन पोषण लुधियाना, पंजाब में हुआ। भाविश ने साल 2008 में Indian Institute of Technology Bombay से कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत माइक्रोसॉफ्ट रिसर्च इंडिया में रिसर्च इंटर्न के रूप में की थी और बाद में असिस्टेंट रिसर्चर के रूप में काम करने लगे। माइक्रोसॉफ्ट रिसर्च इंडिया में उन्होंने करीब दो साल तक काम किया, जिसके बीच भाविश अग्रवाल ने अपने नाम से दो पेटेंट दायर किए और तीन पत्र-पत्रिकाओं को अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित किया।

OLA कैब्स की स्थापना  Establishment of OLA Cabs

लगभग दो साल तक माइक्रोसॉफ्ट में काम करने के बाद भाविश अग्रवाल के मन में खुद का स्टार्ट अप शुरू करने का विचार आया और इसलिए उसने शुरूआती की दिनों में हॉलीडे एंड टूर प्लानिंग कंपनी का निर्माण किया। परंतु उसमें उन्हें असफलता का सामना करना पड़ा। इसी दौरान बैंगलोर से बांदीपुर जाते समय कैब ड्राइवर से हुई धोखेबाज़ी का भी भाविश पर बड़ा असर पड़ा। इस तरह हर जगह हो रही यात्रियों की दुर्दशा को समझते हुए और भारतीय टैक्सी उद्योग की क्षमता की मात्रा देखते हुए भाविश अग्रवाल ने सह-संस्थापक अंकित भाटी द्वारा दिसंबर 2010 में अपने बिजनेस मॉडल को हॉलीडे एंड टूर प्लानिंग कंपनी से OLA Cabs के रूप में टैक्सी हाइलिंग फर्म में बदल दिया।

शुरुआत में भाविश के इस निर्णय को लेकर उनके माता पिता उनसे खुश नहीं थे, परंतु जब Snapdeal के संस्थापक कुणाल बहल ने उनके इस व्यवसायिक क्षमता को पहचनाकर उनके व्यवसाय में पैसा लगाया तब उन्हें अपने बेटे की निर्णयक्षमता पर भरोसा होने लगा। 

OLA कैब्स का सफर  OLA Cabs Journey

OLA कैब्स ने एक भी कार खरीदी नहीं है, लेकिन उन्होंने उन्हें किराए पर दे दिया है। वह पूरे भारत में यात्रियों के लिए विभिन्न प्रकार की कैब सेवाएं प्रदान करने के लिए ड्राइवरों और टैक्सी मालिकों के साथ Partnership करती है। टेक्नोलॉजी का सबसे अच्छा उपयोग और अभिनव समाधानों का निर्माण करते हुए, OLA कैब्स ने 2015 तक 50 से भी ज्यादा शहरों तक अपनी सेवाओं का विस्तार किया है। वह प्रति माह लगभग 6 मिलियन सवारियों का बुकिंग करती है और लगभग 40% से अधिक की दर से आगे बढ़ रही है।

हालांकि, OLA कैब्स की यात्रा ऐप पर कैब बुक करने इतनी आसान नहीं थी। 2012 में, दोनों संस्थापकों को एक वेबसाइट आउटेज के रूप में एक वेक अप कॉल मिला। अंकित भाटी, मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी, जो उस समय बंगलौर में थे, उनको इस मुद्दे को हल करने के लिए पूरी रात मुंबई में वन मैन टेक्नोलॉजी टीम के रूप में रहना पड़ा। लेकिन इससे दोनों की जोड़ी रुकी नहीं। उन्होंने आगे जाकर OLA कैब्स का सर्वर सिस्टम मुंबई से बैंगलोर में स्थानांतरित कर दिया और अपना मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया जो आगे जाके OLA कैब्स बुक करने के लिए वन टच डेस्टिनेशन बन गया।

OLA कैब्स का तेजी से विस्तार  Rapid expansion of OLA cabs

इसके अलावा, 2015 में, कंपनी ने Ola Fleet नामक एक कैब लेंडिंग आर्म भी लॉन्च किया, जो OLA कैब्स की मूल कंपनी ANI Technologies Pvt Ltd. की सहायक कंपनी है। सितंबर 2015 तक, कंपनी का मूल्य लगभग $ 5 Billion पहुँच गया था। 2016 में, कंपनी ने एक और फ्लैगशिप सेवा Ola Play लॉन्च की जो दुनिया का पहला कनेक्टेड कार प्लेटफॉर्म बन गया, जो कम्यूटिंग अनुभवों को बदलकर इस स्पेस में ग्लोबल इनोवेशन के लिए टोन सेट कर रहा है।

वर्ष के अंत तक, OLA कैब्स को उबेर और एक अन्य घरेलू कंपनी टैक्सी फॉर शुअर से प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ा। फिर भी, ओला ने दृढ़ता दिखाई और TaxiForSure का अधिग्रहण कर लिया। इसके साथ ही OLA ने एक और प्रमुख सेवा Ola Auto को लॉन्च करके, Uber के खिलाफ लड़ाई जारी रखने के लिए बाजार का बहुमत शेयरधारक बन गया है। वर्तमान में, कंपनी 106 से अधिक शहरों में 11 सेवाएं प्रदान करती है और ऑस्ट्रेलिया में अपनी सेवाएं भी शुरू की है। OLA कैब्स में सॉफ्टबैंक, टेनसेंट, माइक्रोसॉफ्ट और ईबे जैसी कई अंतरराष्ट्रीय वेंचर कैपिटल फर्म ने पैसा लगाया है।

अंकित भाटी और भाविश अग्रवाल की यह कहानी इस बात का सबूत है कि अगर आपके पास अपनी यात्रा शुरू करने की इच्छाशक्ति और दृढ़ संकल्प है तो कुछ भी संभव है। माइक्रोसॉफ्ट और अन्य स्टार्टअप में अपना करियर शुरू करने वाले दो आईआईटी बी-टेक स्नातकों ने अब तक 3 स्टार्टअप का अधिग्रहण किया है और मौजूदा निवेशकों के साथ-साथ नए निवेशकों से $ 350 million से अधिक जुटाए हैं। ओला की सफलता की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो अपने व्यवसायिक यात्रा की शुरूआत करना चाहते है।

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This Post Has 2 Comments

  1. Aniket Raj

    very good information aapne details me samjhaya hai thanks bhai

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