मोहनीश पबराई – प्रसिद्ध मूल्य निवेशक Mohnish Pabrai – Famous Value Investor

Mohnish-Pabrai-Famous-Value-Investor
Image Source – Google Image by vintagevalueinvesting

मोहनीश पबराई की सफलता की कहानी

मोहनीश पबराई भारतीय मूल के अमेरिकी इंटरप्रेन्योर, लेखक और परोपकारी व्यक्ति हैं। वह दुनिया के सबसे सफल मूल्य निवेशकों में से एक हैं। मोहनीश पबराई निवेश गुरु वारेन बफेट के डाई-हार्ड फैन और अनुयायी हैं। उन्होंने 2007 में वॉरेन बफेट के साथ दोपहर का भोजन करने के लिए $ 650000 खर्च किए थे। उन्होंने वॉरेन बफेट की निवेश शैली को फॉलो करके $100 मिलियन से भी ज्यादा संपत्ति का निर्माण किया है। मोहनीश पबराई, पबराई इन्वेस्टमेंट फंड्स के पार्टनर हैं।

प्रारंभिक जीवन

मोहनीश पबराई का जन्म और पालन-पोषण मुंबई में हुआ। उन्होंने एलीट प्राइवेट स्कूल में पढ़ाई की। हाई स्कूल की पढ़ाई पूरी होने के बाद, 1983 में मोहनीश अमेरिका चले गए। जहाँ उन्होंने कैरोलिना क्लेम्सन यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर इंजीनियरिंग का अध्ययन किया। ग्रेजुएशन के बाद, मोहनीश पबराई ने 1986 से 1991 तक Tellabs में अनुसंधान और विकास का काम किया और फिर 1991 में उन्होंने अपनी IT कंसल्टिंग कंपनी TransTech शुरूआत की। अपने बचत के US $30000 से कंपनी की शुरुआत करते समय उन्होंने TransTech को फाइनेंस करने के लिए US $70000 का क्रेडिट कार्ड लोन लिया। साल 2000 में उन्होंने यह कंपनी US $20 मिलियन को बेच दी।

मोहनीश पबराई की निवेश यात्रा

वॉरेन बफेट से सीखे गए सिद्धांतों और रणनीतियों का उपयोग करते हुए, मोहनीश पबराई ने 1999 में पबराई इन्वेस्टमेंट फंड्स की स्थापना की। उनके इस इक्विटी फंड ने निवेशकों को क्युमुलेटिव 517% का नेट रिटर्न दिया है, जो कि साल 2000 में स्थापन हुए एस एंड पी 500 इंडेक्स फण्ड के 43% रिटर्न से कई गुना ज्यादा है। 2013 के बाद उनके इसी फण्ड ने 1103% तक रिटर्न दिया और इसी वजह से मोहनीश पबराई दुनिया के सबसे अधिक मान्यता प्राप्त मूल्य निवेशकों में से एक बन गए है। फंड की शुरुआत में, उसका एयूएम US $1 मिलियन था और आज 2019 में इस इक्विटी फंड का एयूएम US $570 तक पहुंच गया है। उनका पोर्टफोलियो भारत और उभरते देशों के 15 से 20 कंपनियों पर केंद्रित है।

2004 में, मोहनीश पबराई ने अपनी पहली पुस्तक, “मोज़ेक” लिखी, जिसमें उन्होंने वारेन बफेट के निवेश के तरीकों को सरल शब्दों में वर्णन किया है। अपनी अगली पुस्तक, “द धन्धो इन्वेस्टर” में, पबराई ने और अधिक विस्तार से बताया कि कैसे वह केवल हाई रिटर्न देनेवाली और कम जोखिम वाले कंपनियों में निवेश करते है। वह मल्टीबैग्गेर्स शेयरों की पहचान करने में मास्टर है। उन्होंने यूएसए और भारत में भी शेयर बाजार से भारी संपत्ति बनाई है। साल 2017 तक, मोहनीश पबराई की कुल संपत्ति $100 मिलियन से भी अधिक थी, और उनके दावे के हिसाब से वह 1995 से 2015 तक कुल 16% की औसत वार्षिक दर से बढ़ी है।

मोहनीश पबराई के सामाजिक कार्य

पबराई ने इतनी संपत्ति निर्माण करने के बाद भी वह अपनी मातृभूमि भारत देश को नहीं भूलें। यहाँ की गरीबी को देखते हुए उन्होंने साल 2005 में दक्षणा फाउंडेशन की स्थापना की। अपने इस फाउंडेशन के माध्यम से वह भारत के शानदार दिमागवालें सबसे गरीब बच्चों की पहचान करके, उन्हें प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों के कठिन प्रवेश परीक्षा के लिए मुफ्त में तैयारी करवातें है। जहाँ से स्नातक प्राप्त करने के बाद उनके  सफल रोजगार की गारंटी रहती है। सन माइक्रोसिस्टम्स के सह-संस्थापक, अरबपति श्री विनोद खोसला उनके ही छात्र है जो आज एक सफल व्यवसायी हैं। अपने इस फाउंडेशन के माध्यम से मोहनीश पबराई ने अपने अधिकांश धन को समाज में रीसायकल किया है। 

मोहनीश पबराई की निवेश शैली
निवेश के लिए स्टॉक की पहचान

पबराई कहते है, स्टॉक कागज का एक टुकड़ा नहीं हैं। स्टॉक खरीदने का मतलब है कि कंपनी में स्वामित्व का एक अंश खरीदना। यदि आप संपूर्ण व्यवसाय खरीदने के इच्छुक नहीं हैं तो आपको एक भी शेयर नहीं खरीदना चाहिए। आपको एक मूल्यवान कंपनी खरीदनी चाहिए और उसमें हमेशा निवेश करना चाहिए। वह खुद इतने सालों से रेन इंडस्ट्रीज और कोलते पाटिल डेवलपर्स का स्टॉक संभाल रहे हैं।

कुछ दांव, बड़े दांव

उनके अनुसार किसी भी निवेशक को अपने पोर्टफोलियो में कई शेयर रखने के बजाय कुछ सिलेक्टेड क्वालिटी  स्टॉक ही रखना चाहिए। इसी वजह हमे मोहनीश पबराई के पोर्टफोलियो में बहुत कम स्टॉक मिलेंगे और ऐसा इसलिए है क्योंकि वह कुछ दांव, बड़े दांव पर विश्वास करते है। उन्होंने इन सभी स्टॉक को सावधानी से चुना है और इन सभी शेयरों के भविष्य में बड़े दांव बनने की संभावना है।

मूल्य निवेश

पबराई समझाते है कि निवेशक को हमेशा एक मूल्य निवेशक की तरह सोचना चाहिए। हमें $1 की संपत्ति $1 से कम के लिए प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिए और ऐसा करने के लिए, निवेशक को स्टॉक का उचित मूल्य क्या है यह जानना जरुरी है। 

मोट 

मोहनीश पबराई के अनुसार यह सबसे महत्वपूर्ण है। Moat का मतलब है कि कंपनी की क्षमता जो उसे  इस  प्रतिस्पर्धी बाजार में स्थायी विकास और लाभ उत्पन्न करने के लिए मदद करें। यदि आप किसी स्टॉक को हमेशा के लिए खरीदना और रखना चाहते हैं तो एक मोट का होना बहुत महत्वपूर्ण है।

Please follow and like us:

Leave a Reply