निवेश गुरु वारेन बफेट की सफलता की कहानी Success Story of Investment Guru Warren Buffett

निवेश गुरु वारेन बफेट की सफलता की कहानी

निवेश गुरु वारेन बफेट आज दुनिया के चौथे सबसे अमीर व्यक्ति हैं। वह “ओमाहा के  जादूगर” और “ओमाहा के संत” के रूप में लोकप्रिय है। वारेन बफेट 1970 से बर्कशायर हैथवे होल्डिंग कंपनी के अध्यक्ष और सबसे बड़े शेयरधारक रहे हैं। अप्रैल 2020 तक उनका कुल नेटवर्थ $ 70.5 बिलियन रहा है।

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वारेन बफेट का प्रारंभिक जीवन

वारेन बफेट का जन्म 1930 में अमेरिका के ओमाहा सिटी में हुआ। उनका पूरा नाम वारेन एडवर्ड बफेट है। उनके पिता एडवर्ड बफेट एक अमेरिकी कांग्रेसी थे, जो मूल रूप से स्कैंडिनेवियाई थे और उनकी माँ लीला स्पेनिश थी। वारेन की प्रारंभिक शिक्षा ओमाहा के रोज़ हिल एलीमेंट्री स्कूल से शुरू हुई।

बाद में वारेन, ऐलिस डील जूनियर हाई स्कूल गए और जल्द ही उन्होंने नेब्रास्का विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ साइंस पूरा कर लिया। बफेट ने अपने आगे के पढाई के लिए हार्वर्ड बिज़नेस स्कूल में अर्जी की थी परंतु उन्होंने बफेट को रिजेक्ट कर दिया, इसके बाद उन्होंने कोलम्बिया विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में मास्टर ऑफ़ साइंस पूरा कर लिया। जहाँ पे उनकी मुलाकात उनके निवेश गुरु बेंजामिन ग्राहम और फिलिप फिशर से हुई। 

वारेन बफेट अपने बचपन के दिनों से ही हमेशा व्यापार में गहरी दिलचस्पी रखते थे और इसी वजह से उन्होंने शेयर बाजार से पैसा बनाना और बचत करना शुरू किया। वारेन बफेट ने बचपन में अपने दादाजी की किराने की दुकान में काम किया और आय के कई अन्य साधन अपनाए जैसे कोल्ड ड्रिंक, साप्ताहिक पत्रिकाएं, स्टैम्प और च्यूइंग गम डोर टू डोर बेचना और अखबार पहुंचाना।

जब बफेट 7-8 साल के थे तब उन्होंने One Thousand ways to make $ 1000 पुस्तक पढ़ी जिससे उन्हें पिनबॉल मशीन के बारे में पता चला। उन्होंने अपने एक दोस्त के साथ मिलकर $ 25 का निवेश करके एक पिनबॉल मशीन खरीद ली और उसे नाई की दुकान में रख दिया, जिससे उन्हें अच्छी आमदनी आना शुरू हो गई। जल्द ही उन्होंने अन्य नाई की दुकानों में कुछ और मशीनें स्थापित कीं। कुछ दिनों बाद, वारेन ने सब मशीनें $ 1200  में बेच दी और अच्छा प्रॉफिट कमाया। वारेन जब 14 साल के थे, तब उन्होंने अपने बचत के पैसो से 40 एकर जमीन खरीद ली। 

वॉरेन बफेट के कैरियर की शुरूआत

वॉरेन बफेट सिर्फ 11 साल के थे जब उन्होने सिटी सर्विसेस का पहला शेयर खुद के लिए और साथ ही अपनी बहन के लिए $ 38 में खरीदा और कुछ दिनों बाद $ 40 में बेच दिया। उनके बेचने के बाद वह शेयर $200 तक ऊपर चला गया और इस तरह अपने पहले निवेश से वारेन बफेट को निवेश करते समय सब्र रखना कितना महत्त्वपूर्ण है इसके बारे में अच्छी सिख मिली। 

20 साल की उम्र में अपने स्नातक और पढ़ाई के दौरान, उन्होंने $ 9,800 की बचत की, और वह बेंजामिन ग्राहम से मिलने के लिए रवाना हुए, जो GEICO बीमा के बोर्ड में थे। वॉरेन ने बेंजामिन ग्राहम के लिए काम करने की ठानी और वह भी बिना किसी फीस लिए। लेकिन उन्हें नौकरी से मना कर दिया गया और जल्द ही वह ओमाहा लौट आए, परंतु इसके दो साल बाद ही बेंजामिन ग्राहम ने वारेन बफेट को उनके पार्टनरशिप फर्म में सालाना $12000 सैलरी में काम करने के लिए बुला लिया। 

वारेन बफेट का पारिवारिक जीवन  

बेंजामिन ग्राहम के पार्टनरशिप फर्म में काम करने से पहले वारेन बफेट ने ओमाहा में “निवेश सिद्धांतों” पर कक्षाएं शुरू कीं, जिसके दौरान उन्होंने एक गैस स्टेशन भी खरीदा, जो दुर्भाग्य से उनके लिए लाभदायक नहीं रहा। वॉरेन एडवर्ड बफेट ने 1952 में सुसान बफेट से शादी की। उनके तीन बच्चे है सूसी, हॉवर्ड और पीटर। 1956 में बेंजामिन ग्राहम रिटायर्ड होने के बाद उनका फर्म बंद होने की वजह से वारेन वापस ओमाहा चले आए और उन्होंने खुद का पार्टनरशिप फर्म शुरू किया और फिर 1957 में, बफेट ने पूरे वर्ष में तीन पार्टनरशिप की। इसी दौरान उन्होंने ओमाहा में $ 31,500 में एक पांच बेडरूम वाला प्लास्टर हाउस खरीदा, वर्तमान में वॉरेन बफेट वहाँ पे ही रहते हैं।

1958 में बफेट के तीसरे बच्चे, पीटर का जन्म हुआ। उसी साल वारेन बफेट ने पाँच पार्टनरशिप संचालित कीं और फिर कंपनी ने पूरे साल में 6 पार्टनरशिप में बदल गई। वारेन बफेट 1959 में उनके वर्तमान पार्टनर चार्ली से मिलें। इसके बाद कंपनी का नाम बदलकर सनबर्न मैप रखा गया। वारेन बफेट ईंट से ईंट अपने व्यवसाय का विस्तार करते हुए जल्द ही सनबर्न मैप कंपनी के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर में शामिल हो गए।

बर्कशायर हैथवे के चेयरमैन

अंत में 1962 में वारेन बफेट करोड़पति बन गए और अपनी सभी पार्टनरशिप को एक में मिला दिया। वारेन बफेट ने पहली बार बर्कशायर हैथवे के शेयर इसी साले खरीद लिए और फिर कंपनी का पूरा नियंत्रण अपने हाथ में आने तक यानी साल 1964 तक वह शेयर खरीदते गए जिसकी वजह से आगे जाके वह कंपनी के चेयरमैन बन गए। कंपनी के बंद होते बिज़नेस को देख वारेन बफेट ने 1969 में बर्कशायर हैथवे के टेक्सटाइल व्यवसाय को बंद करके उसे होल्डिंग कंपनी के रूप में बदल दिया।

शुरुआत के दिनों से ही बर्कशायर हैथवे ने वाशिंगटन पोस्ट, कोका कोला, गायको और अन्य इन्शुरन्स कंपनीयो जैसे बड़े कंपनियों के शेयरों में निवेश करके अच्छा प्रॉफिट कमाया और आज भी उनके पोर्टफोलिओ में यह सब शेयर मौजूद है। वारेन बफेट फिलिप फिशर और बेंजामिन ग्राहम को फॉलो करते है, वह हमेशा कहते है कि, में 15 % फिलिप फिशर और 85 % बेंजामिन ग्राहम हूँ।

बफेट हमेशा वैल्यू इन्वेस्टिंग पर जोर देते है। वह उसी कंपनी में निवेश करते है, जिसके बारे में उन्हें अच्छी जानकारी है और इसीलिए उन्होंने बड़े होने के बाद वाशिंगटन पोस्ट, कोका कोला और व्रिगली च्युइंग गम जैसे कंपनियों के शेयरों में निवेश करके कई गुना ज्यादा लाभ कमाया क्योंकि वह इन बिज़नेस के बारे में बचपन से अच्छी जानकारी रखते थे। साल 1999 में, कार्सन ग्रुप द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण में वारेन बफेट को बीसवीं शताब्दी के टॉप मनी मैनेजर के रूप में सम्मानित किया गया है।

वॉरेन बफेट के अचीवमेंट्स 

साल 2008 में, वारेन बफेट दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए। इसके बाद वह अपनी कंपनी बर्कशायर हैथवे के 62 बिलियन अमेरिकी डॉलर वैल्यूएशन के साथ अरबपति बन गए। वारेन बफेट ने साल 2009 में, बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन को $ 30.7 बिलियन डॉलर दान में दिए, जो आज तक का सबसे बड़ा दान है और इसके बावजूद वारेन बफेट 37 बिलियन अमेरिकी डॉलर की संपत्ति के साथ अमेरिका के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति बने।
वॉरेन बफेट के दो बच्चे और एक पूर्ण खुशहाल परिवार होने के बावजूद उनकी 99.9 प्रतिशत संपत्ति दान करने के लिए जानी जाती है। वॉरेन बफे दृष्टि, मिशन, फोकस और कड़ी मेहनत का स्पष्ट संदेश देने वाले नवोदित उद्यमियों के लिए एक आदर्श उदाहरण है। अनगिनत पुस्तकें उनके और उनकी निवेश रणनीतियों के बारे में लिखी गई हैं।

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