फ्लिपकार्ट की सफलता की कहानी Flipkart Success Story

फ्लिपकार्ट  Flipkart

फ्लिपकार्ट एक भारतीय E-Commerce कंपनी है जो बैंगलोर, कर्नाटक में स्थित है। इसे सचिन बंसल और बिन्नी बंसल द्वारा 2007 में स्थापित किया गया था। कंपनी ने किताबों की बिक्री से शुरुआत करके आज उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, फैशन, घरेलू आवश्यक और किराने का सामान, और जीवन शैली उत्पादों जैसे अन्य उत्पाद श्रेणियों में भी अच्छा विस्तार किया हुआ है। फ्लिपकार्ट यह कहानी भारतीय स्टार्ट-अप्स की सबसे आश्चर्यजनक सफल कहानियों में से एक है।

Flipkart मुख्य रूप से Amazon की भारतीय सहायक कंपनी और घरेलू प्रतिद्वंद्वी Snapdeal के साथ प्रतिस्पर्धा करती है। मार्च 2017 तक, फ्लिपकार्ट के पास भारत के ई-कॉमर्स उद्योग का 39.5% बाजार हिस्सा था। Apparel, इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल फोन की बिक्री में फ्लिपकार्ट का योगदान काफी महत्त्वपूर्ण है। फ्लिपकार्ट यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) पर आधारित मोबाइल भुगतान सेवा PhonePe का भी मालिक है।

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Flipkart founder Binny Bansal and Sachin Bansal Image Source – Google I Image By stories.flipkart

फ्लिपकार्ट के संस्थापक  Founder of flipkart

सचिन बंसल और बिन्नी बंसल ने मिलकर सिर्फ $ 6,500 की जमापूँजी के साथ साल 2007 में इस ई-कॉमर्स कंपनी की स्थापना की थी। सचिन बंसल का जन्म चंडीगढ़ में हुआ था। उनके पिता एक बिजनेसमैन और उनकी मां एक हाउसवाइफ है। सचिन बंसल ने आईआईटी दिल्ली से कंप्यूटर साइंस में अपना ग्रेजुएशन पूरा किया। आईआईटी दिल्ली में पड़ने की वजह से उन्हें अपने कैरियर के लिए टेंशन लेने की जरूरत बिलकुल नहीं थी।

बिन्नी बंसल ने भी उन्हीं के साथ आईआईटी दिल्ली में पढ़ाई की थी और वह भी चंडीगढ़ से ही है। दोनों के बैकग्राउंड लगभग एकजैसे होने की वजह से एक दूसरे को बहुत अच्छे से समझते हैं, जो कि एक पार्टनरशिप में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

फ्लिपकार्ट की स्थापना  Establishment of Flipkart

पढ़ाई के बाद सचिन बंसल और बिन्नी बंसल दोनों एक समय अमेज़न के लिए काम करते थे, जो कि दुनिया की सबसे बड़ी इ कॉमर्स कंपनी है। अमेज़न में काम करते समय ही उन्हें खुद की ई-कॉमर्स कंपनी खोलने के बारे में आइडिया आया और अपनी कंपनी खोलने के लिए सचिन और बिन्नी ने एक साथ अमेज़न जैसी बड़ी कंपनी को छोड़ दिया, जो कि एक बड़ी जोखिम थी। लेकिन कहते हैं ना कि जो जोखिम उठाने का साहस नहीं रखता वह जीवन में कुछ भी हासिल नहीं कर सकता।

दोनों ने मिलकर 5 सितंबर 2007 को फ्लिपकार्ट नाम की अपनी एक ई कॉमर्स कंपनी शुरुआत की। फ्लिपकार्ट जब भारत में खोली गई थी तब भारत में लगभग ना के बराबर ही ई-कॉमर्स कंपनी थी और जो कंपनियां पहले से थी वह भी लोगों की मानसिकता की वजह से फेल हो जा रही थी। उस समय लोगों की मानसिकता थी कि कोई भी वस्तु बिना देखे बिना छुए कैसे खरीदी जा सकती है और लोग वस्तु प्राप्त करने से पहले ऑनलाइन पेमेंट भी नहीं करना चाहते थे।

फ्लिपकार्ट की सफल यात्रा  Successful Journey of  flipkart

सचिन बंसल और बिन्नी बंसल ने लोगों की मानसिकता Cash on Delivery सर्विस लाकर बदल दी, जो कि भारत में पहली बार था। इससे पहले हर ऑनलाइन शॉपिंग साइट केवल डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड के जरिए पैसे लेती थी, जिस पर लोग ज्यादा भरोसा नहीं करते थे। यह कंपनी 2007 में किताब बेचने से शुरू हुई थी। शुरू में सचिन और बिन्नी खुद स्कूटर से किताबों की डिलीवरी करने जाते थे और बुक शॉप के सामने खड़े होकर पैम्पलेट बाटा करते थे। सचिन और बिन्नी बंसल की मेहनत और ईमानदारी रंग लाई और 2008-09  में फ्लिपकार्टने 40 मिलियन रुपए की बिक्री कर दी, जो अगले साल 200 मिलियन तक बढ़ गई।

फ्लिपकार्ट के व्यक्तिगत आश्वासन और विश्वास कारक ने ग्राहकों के लिए अद्भुत काम किया। सकारात्मक स्वर में शब्द फैलने के साथ, फ्लिपकार्ट ने अपनी त्वरित सेवा का विस्तार किया और डिलीवरी कंपनी की पहचान बन गई। व्यवसाय फला-फूला और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ने भारत के प्रमुख मंच के रूप में अपनी स्थिति स्थापित की। ऐसा देखने के बाद इन्वेस्टर्स भी कंपनी की तरफ आकर्षित हुए और फ्लिपकार्ट में बहुत सारी फंडिंग की। इसके बाद कंपनी ने कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखा और इसकी ग्रोथ कई गुना हो गई।

तेजी से विस्तार  Rapid expansion

2014 में फ्लिपकार्ट ने ऑनलाइन फैशन रिटेल myntra तथा और कई ऑनलाइन शॉपिंग साइट को खरीद लिया। उनकी पहचान Forbes India Rich List द्वारा 2015 में स्थापित की गई थी। बिन्नी बंसल और सचिन बंसल को भारत में 86 वें सबसे अमीर व्यक्ति का नाम दिया गया था। उनकी कुल संपत्ति $ 1.3 बिलियन थी। उनके दूरदर्शी कदम ने उन्हें बड़े लक्ष्यों की ओर अग्रसर किया, क्योंकि Amazon और अन्य ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म की मौजूदगी के बावजूद Flipkart ने अपने व्यवसाय का विस्तार जारी रखा था।

अब फ्लिपकार्ट पर फैशन एसेसरीज मोबाइल कंप्यूटर से लेकर हमारी जरूरत की हर एक चीज उपलब्ध है। 2016 में फ्लिपकार्ट की बिक्री 40 billion तक पहुंच गई है। इस कंपनी में 15,000 से ज्यादा एंप्लॉइ काम करते हैं। अगस्त 2018 में यानि सिर्फ 11 साल में यूएस-बेस्ड रिटेल चैन Walmart ने फ्लिपकार्ट में यूएस $ 16 बिलियन के लिए 77% नियंत्रण हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया, जिसका मूल्य 20 बिलियन डॉलर था। आप फ्लिपकार्ट की अपार सफलता से तो समझ गए होंगे, कि इस दुनिया में कोई भी काम असंभव नहीं है। जरूरत है तो, बस सच्ची लगन की क्योंकि जो काम सच्ची लगन से किया जाए तो उसमें सफलता जरूर मिलती है।

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