बायजूस – लर्निंग ऐप सक्सेस स्टोरी BYJU’S – The Learning App Success Story

बायजूस – लर्निंग ऐप  BYJU’S – The Learning App

बंगलौर स्थित एडटेक प्लेटफॉर्म बायजूस एक ऑनलाइन ट्यूटरिंग और कोचिंग फर्म है, जिसे वर्ष 2011 में शुरू किया गया था और यह एक फ्रीमियम मॉडल पर चलता है। हालांकि उस समय तक इसे बहुत ही कम लोग जानते थे लेकिन समय के साथ बढ़ने के बाद, यह आज दुनिया की सबसे बड़ी एजुकेशनल टेक्नोलॉजी कंपनी बन गई है।

आज के समय में बायजूस का वैल्यूएशन करीब 37000 करोड रुपए से भी ज्यादा है। बायजूस की मूल कंपनी ‘Think & Learn Pvt Ltd.‘ है। उसका मुख्य उद्देश्य कक्षा 1 से 12 वीं कक्षा के छात्रों के लिए ऑनलाइन वीडियो व्याख्यान के माध्यम से कोचिंग प्रदान करना है और साथ ही IIT – JEE, NEET, CAT, GRE और GMAT जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले लोगों के लिए भी कोचिंग प्रदान करना है।

BYJU’S – The Learning App को वर्ष 2015 में लॉन्च किया गया था और तब से वह बड़ी सफलता से चल रहा है। इसका उपयोग पूरी दुनिया में 15 मिलियन से अधिक छात्रों द्वारा किया जाता है और इसके 9,00,000 सशुल्क ग्राहक हैं। यह एप्लिकेशन छात्रों को अपने दम पर सीखने में मदद करता है।

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Image Source – Google   Image by digitallearning

बायजूस के संस्थापक  The founder of Byju’s

बायजूस के संस्थापक और सीईओ, बायजू रविन्द्रन का जन्म 1980 में एझिकोड, केरला के एक बड़े से जॉइंट फैमिली में हुआ। उनके पिता का नाम रविन्द्रन और मां का नाम शोभना वल्ली है। दोनों ही प्रोफेशनली एक टीचर थे। हालांकि बायजू का कहना है, कि बचपन में उनका पढ़ाई लिखाई से ज्यादा मन फुटबॉल और क्रिकेट खेलने में लगता था। जिसके चलते वह कई बार क्लास बंक भी किया करते थे, लेकिन उनके माता-पिता ने कभी भी उन पर पढ़ाई लिखाई के लिए दबाव नहीं बनाया।

बायजू के पिता का मानना था कि बच्चे स्कूल की क्लासेस ज्यादा क्लास के बाहर सिखते हैं। इसी तरह से मल्यालम मीडियम स्कूल से बायजू ने अपनी शुरुआती पढ़ाई पूरी की और यहां पर पढ़ाई करते हुए उनका मैथ्स काफी स्ट्रांग था। हालांकि क्रिकेट की कमेंट्री सुनकर उन्होंने खुद इंग्लिश बोलना भी सीख लिया। फिर आगे चलकर इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद से बायजू कि एक विदेशी मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब लग गई। वहां पर उन्हें अच्छी खांसी सैलरी भी मिलने लगी। हालांकि यहां भी 2 सालों तक काम करते हुए एक आम आदमी की तरह ही बायजू ने कभी भी स्टार्टअप का नहीं सोचा था।

इसी बीच किसी काम की वजह से उन्हें बैंगलोर आना पड़ा जहां पर उनके कुछ दोस्त कैट की तैयारी कर रहे थे। बायजू मैथ्स में काफी अच्छे थे, इसलिए उनके दोस्तों ने उनसे कैट की एग्जाम की तैयारी में उनकी मदद मांगी। बायजू ने उनकी मदद तो की ही, लेकिन साथ ही साथ उन्होंने भी मजे के लिए ही कैट की फॉर्म भर दी और एग्जाम दिया। सिर्फ मजे के लिए दिए गए इस एग्जाम में उन्होंने 100 परसेंटाइल स्कोर किया हालांकि एमबीए में कोई दिलचस्पी ना होने की वजह से वह वापस लौटे।

बायजूस की शुरुआत  Beginning of Byju’s

लेकिन 2005 में जब एक बार फिर से भारत वापस है। तब उनके दोस्तों ने फिर से उनकी मदद मांगी और इस बार वह छह हफ्तों के लिए बेंगलुरु में थे जिसमें कि लगभग 1000 स्टूडेंट्स की उन्होंने तैयारी करवाई। वैसे शुरुआती वर्कशॉप तो उनके फ्री में थे लेकिन अगर लोगों को उनकी क्लास पसंद आती थी, तो वह आगे वर्कशॉप के लिए पैसे भी देते थे। फिर जब बायजू ने यह देखा कि लोगों से उन्हें बहुत ही अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है।

तब उन्होंने अपनी जॉब छोड़ कर टीचिंग के क्षेत्र में ही कुछ बड़ा करने का फैसला किया। धीरे-धीरे बायजू चार से पांच अलग-अलग शहरों में पढ़ाने लगे यहां तक कि उनकी लोकप्रियता इतनी ज्यादा बढ़ गई थी कि कई बार उन्होंने स्टेडियम में भी क्लासेस ली थी। अब बायजू जॉब से कहीं ज्यादा टीचिंग से कमाने लगे थे।

इसी बीच उनके स्टूडेंट्स ने उनकी क्लासेस का नाम बायजूस क्लासेस कर दिया। हायर लेवल के क्लासेस को पढ़ाने के बाद से जब बायजू को यह लगा कि भारत में शिक्षा का बेस ही सही नहीं है तो फिर उन्होंने स्कूल के बच्चों को पढ़ाने पर फोकस किया। 2011 में उन्होंने Think and Learn नाम की एक कंपनी की शुरुआत की और यहां पर भी काफी कामयाबी के बाद से 2015 में Byju Raveendran ने BYJU’S – The Learning App लॉन्च किया। जिसको पहले ही साल लगभग 5500000 लोगों ने डाउनलोड किया और फिर इस एप्लीकेशन की लोकप्रियता को देखते हुए जल्द ही बायजूस को कई सारे इन्वेस्टर थी मिल गए।

बिजनेस मॉडल  Business model

बायजूस एक फ्रीमियम बिजनेस मॉडल पर काम करता है। जिसका अर्थ है कि वे अपने ग्राहकों को पूरक और अतिरिक्त-लागत (प्रीमियम) दोनों सेवाएं प्रदान करते हैं। कंपनी अपने आवेदन या वेबसाइट पर छात्रों का विवरण मांगती है और उन्हें 15 दिनों का निशुल्क परीक्षण प्रदान करती है। नि: शुल्क परीक्षण के बाद एक पाठ्यक्रम को बायजू से खरीदना होता है। कंपनी अपने ग्राहकों को एक से एक सलाह देती है और बच्चे के माता-पिता को भी फीडबैक प्रदान करती है। बायजू खुद भी नोएडा शहर, गुडगाँव और आसपास के स्थानों में कक्षा कोचिंग प्रदान करते है।

फंडिंग  Funding

अपने शुरुआती चरण से ही बायजू ने कई निवेशकों को आकर्षित किया। वर्ष 2016 में, बायजूस Chan Zuckerberg Initiative से धन प्राप्त करने वाली एशिया की पहली कंपनी बन गई, जो फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग और उनकी पत्नी प्रिस्किल्ला छान की जॉइंट इनिशिएटिव  है। हाल ही में जनवरी 2020 में, बायजू ने टाइगर ग्लोबल मैनेजमेंट से $ 200 मिलियन जुटाए, जिसके बाद कंपनी का मूल्य $ 8 मिलियन था। फरवरी 2020 में, फिर से, बायजू ने न्यूयॉर्क स्थित प्राइवेट इक्विटी फर्म जनरल अटलांटिक से 200 मिलियन डॉलर जुटाने की पुष्टि की।

चुनौतियां  The Challenges

बायजूस के संस्थापक बायजू रविंद्रन के मुताबिक, नि: शुल्क परीक्षण अवधि के पूरा होने के बाद छात्रों को पेड सब्सक्राइबर्स के लिए परिवर्तित करना, उनकी रोजमर्रा की चुनौती है। इसके अलावा कंपनी अन्य अंग्रेजी बोलने वाले देशों में विस्तार करने की दिशा में काम कर रही है, और इस विस्तार में सहायता करने के लिए उपयुक्त साझेदार ढूंढना एक चुनौती है जिसका कंपनी सामना कर रही है।

प्रतियोगी  The Competitors

आज लोग तेजी से डिजिटलीकरण की ओर बढ़ रहे हैं और E-Learning दृष्टिकोण को अपना रहे हैं। इस क्रांति के कारण, बायजूस जैसी कई अन्य कंपनियां समान अवधारणा पर काम कर रही हैं। हालाँकि ऑनलाइन शिक्षा प्लेटफार्मों के बहुत कम सेवा प्रदाताओं द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रौद्योगिकी के अनुकूल और उच्च-स्तरीय सेवाएं अभी भी प्रदान की जा रही हैं और बायजूस इन सभी का नेतृत्व कर रहा है। बायजूस के शीर्ष प्रतियोगी Meritnation.com, Vedantu, Teachable, Khan Academy, Simplilearn, Schoolwise and Topp हैं।

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